तारीफ शायरी हिन्दी | Khubsurti ki tareef shayari in hindi

हुस्न की Khubsurti ki tareef shayari in hindi का सबसे अच्छा संग्रह यहाँ उपलब्ध है। खूबसूरती देखने, निरीक्षण करने और आनंद लेने की चीज है। हालाँकि, इसे शब्दों में वर्णन करना बहुत मुश्किल है। शायरी खूबसूरती का प्रतिनिधित्व करने की एक कला है जो शायर अपने चुने हुए शब्दों और साहित्यिक उपकरण और भाषण के आंकड़ों के साथ करते हैं। शायरी क्या है अगर सीधे समझा जाये तो यह एक दिल की आवाज है, जो शब्दों में निकल कर व्यक्त होती है।खूबसूरती की तारीफ लफ्ज़ पर हिंदी की यह शायरियां, आपके प्यार और भावनाओं को व्यक्त करने में आपकी मदद कर करेंगे। अगर आप भी किसी के खूबसूरती की तारीफ करना चाहतें हैं तो इन लफ़्ज़ों का इस्तेमाल करें।

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मुझे पता है कि आप कुछ बेहतरीन लाइनें चाहते हैं, जिसके माध्यम से आप उनकी सुंदरता का और अधिक सुंदर तरीके से वर्णन कर सकते हैं। तो इससे आपको मदद मिलती है कि हम यहां कुछ ऐसी ही खूबसूरत लाइनों के साथ हैं, जिन्हें आप किसी ऐसे व्यक्ति को भेज सकते हैं जिसे आप प्यार करते हैं और उनके लिए अपने प्यार का इजहार करते हैं। हमारे इस पोस्ट में आपको बहुत सी अच्छी, दिल छू जाने वाली खूबसूरती की तारीफ करने वाली शायरी हिंदी में मिलेगी जिसको आप अपने किसी भी रिश्तेदार, दोस्त या फिर लाइफ पार्टनर को व्हाट्सप्प और फेसबुक पर भेजकर उनकी तारीफ़ कर सकते हैं। आपको यहां खूबसूरती पर सर्वश्रेष्ठ तारीफ शायरी हिन्दी के सभी नवीनतम और अपडेटेड संग्रह मिलेगा।

Khubsurti ki tareef shayari in hindi

तेरे हुस्न पर तारीफ भरी किताब लिख देता…….
काश के तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती…….

मुझको मालूम नहीं…. हुस़्न की तारीफ,
मेरी नज़रों में हसीन ‘वो’ है, जो तुम जैसा हो।

फिज़ाओ में रंग बिखेरे तुम्हारा चाँद सा चेहरा
मुझे बेचैन कर जाये तुम्हारा मासूम चाँद सा चेहरा
मेरी खातिर सँवरता है तुम्हारा चाँद सा चेहरा

सोचता हूँ हर कागज पे तेरी तारीफ करु, फिर ख्याल आया कहीँ पढ़ने वाला भी तेरा दीवाना ना हो जाए।

क्या लिखूँ तेरी सूरत – ए – तारीफ मेँ , मेरे हमदम
अल्फाज खत्म हो गये हैँ, तेरी अदाएँ देख-देख के

उनकी तारीफ़ क्या पूछते हो उम्र सारी गुनाहों में गुजरी
अब शरीफ बन रहे है वो ऐसे जैसे गंगा नहाये हुए है

अब हम समझे तेरे चेहरे पे तिल का मतलब,
हुस्न की दौलत पे दरबान बिठा रखा है

मिलावट है तेरे हुस्न में “इत्र”और “शराब”
की,…..
तभी मैं थोड़ा महका हूं;…..थोड़ा सा बहका हूं…

शायद तुझे खबर नहीं ए शम्मे-आरजू,
परवाने तेरे हुस्न पे कुरबान गये है….!!

तेरे नैनो की शोख अदाओं ने हमे लूटा लिया
तेरी झील सी गहरी आँखों ने हमे लूटा लिया
हम तो लूट चुके है इस कदर ऐ हसीं ख्वाब
अब डरता हूँ कहीं कोई लूट न ले मेरे ख्वाब

Tareef shayari in hindi

एक लाइन में क्या तेरी तारीफ़ लिखू
पानी भी जो देखे तुझे तो प्यासा हो जाये

ये आईने ना दे सकेंगे तुझे तेरे हुस्न की खबर,
कभी मेरी आँखों से आकर पूछो के कितनी हसीन हों तुम…!!

मिलावट है तेरे हुस्न में “इत्र”और “शराब”
की,…..
तभी मैं थोड़ा महका हूं;…..थोड़ा सा बहका हूं…

कैसे कहे के आप कितनी खूबसूरत है,
कैसे कहे के हम आप पे मरते है,
यह तो सिर्फ़ मेरा दिल ही जनता है,
के हम आप पे हमारी जवानी क़ुरबान करते है…!

सोचता हु हर कागज पे तेरी तारीफ करु, फिर खयाल आया कहीँ पढ़ने वाला भी तेरा दीवाना ना हो जाए।

तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद…

तेरी तारीफ मेरी शायरी में जब हो जाएगी
चाँद की भी कदर कम हो जाएगी

तेरी आँखों के जादू से तू खुद नही हैं वाकिफ,
ये उसे भी जीना सीखा देता जिसे मरने का शौक हो ।

तारीफ शायरी हिन्दी

तू ज़रा सी कम खूबसूरत होती तो भी बहुत खूबसूरत होती.. |

हसी फूलों को आती है,
जब आप मुस्कुराते हो,
हमारी दुनिया बदल जाती है,
जब आप मुस्कुराते हो,
आपकी मुस्कुराहट के आगे भला,
क्या चाँद की रौनक,
हुज़ूर खुद चाँद भी शरमाता है…

ये तेरा हुस्न औ कमबख्त अदायें तेरी
कौन ना मर जाय,अब देख कर तुम्हें.

उसके चेहरे की चमक के सामने सब सादा लगा , आसमान पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा ।

हसीन तो और भी है इस जहाँ में मौला ,
पर जब उसने अपना घुँगट खोला ,
तो चाँद भी मुझसे शर्मा के बोला,
ये रात की चाँदनी है या दिन का शोला…

देख पाते हैं कहा हम तुमको
दिल कही होश कही होता हैं ।

तुम हर तरफ प्यार से देखा ना करो
हर तरफ प्यार की एक कहानी बनेगी
नजर जो झूकी तो नयी शायरी बनेगी
नजर जो उठी तो गज़ल की जुबान बनेगी ।

दिल की नही जान की जरूरत हो तुम
जमी की नही आसमा की इनायत हो तुम
ओर अब हम क्या आपकी तारीफ करे
हुस्न की नही कयामत की मूर्त हो तुम

उनकी आंखों से काश कोई इशारा तो होता,
कुछ मेरे जीने का सहारा तो होता ,
तोड़ देते हम हर रस्म जमाने की ,
एक बार ही सही कोई इशारा तो होता ।

तेरा हुस्न बयां करना नहीं मकसद था मेरा !
ज़िद कागजों ने की थी और कलम चल पड़ी !

तेरा होंठो की पंखुडियो को तू गुलाब न कहना
वो तो मुरझा जाते है
इनकी लाली को देखकर लगता है
गुलाब भी अपना रंग यही से चुरा कर लाये है

इस डर से कभी गौर से देखा नहीं तुझको​,​ ​​
कहते हैं कि लग जाती है अपनों की नज़र भी​।

पता है क्यो हर शाम ,
चाँद आधा आता हैं ,
क्योंकि वो भी तेरी खूबसूरती को देख कर शर्माता हैं ।

नशा हम करते हैं ,
इल्जाम शराब को दिया करते है,
कसूर शराब का नही उनका है,
जिनका चेहरा हम जाम में तलाश किया करते हैं ।

हम तो फना हो गए उनकी आँखें देख कर ग़ालिब,
ना जाने वो आईना कैसे देखते होंगे ।

Khubsurti ki tareef shayari in hindi

कातिल तेरी अदाओं ने लूटा है,
मुझे तेरी जफ़ाओं ने लूटा है,
शौक नही था मुझे मर मिटने का ,
मुझे तो इन नसिली निगाहों ने लूटा हैं ।

देख कर तुमको यकीं होता है,
कोई इतना भी हसीन होता है,
देख पाते है कहा हम तुमको,
दिल कही होश कही होता हैं।

नशीली आँखो से वो जब हम देखते है,
हम घबरकार आँखे झुका लेते है,
कोन मिलाए उनकी आँखों से आँखे,
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं ।

दुप्पट्टा क्या रख लिया सर पर ,
वो दुल्हन नजर आने लगी,
उनकी तो अदा होगी,
अपनी तो जान जाने लगी ।

नींद से क्या शिकवा जो आती नही रात भर,
कसूर तो उस चहरे का है जो सोने नही देता।

उसको सजने की संवरने की जरूरत ही नही,
उसपे सजती है हया भी किसी जेवर की तरह ।

अभी इस तरफ ना निगाहें कर,
मैं गज़ल की पलकें संवार लू,
मेरा लफ्ज लफ्ज हो आईना ,
तुझे आईने में उतार लू ।

पानी से प्यास ना बुझी तो मयखाने की तरफ चल निकला,
सोचा शिकायत करू तेरी खुदा से पर खुदा भी तेरा आशिक निकला ।

तेरी जुल्फों की घटाओं का मुन्तजिर होता जाता हूं ,
अब ये आलम है की,
बारिश भी सुखी सी लगती हैं ।

वो अपने चहरे में सो आफताब रखते हैं,
इसलियें तो वो रूह पर नकाब रखते हैं,
वो पास बैठे हो तो आती हैं दिलरुबा खुशबू,
वो अपने होठो पर खिलते गुलाब रखते हैं।

बिखर जाती है खुशबु सी,किसी की याद आते ही,
ना जाने कोन सावन बिन मौसम बरसता हैं ।

हुस्न वालो को क्या ज़रूरत है सवरने की,
वो तो सादगी में भी क़यामत की अदा लगते है।

हुस्न की तारीफ मुझे मालूम नही यारो ,
मेरी नजर में हसीन वो है जो मेरा यार जैसा हो ।

कितना हसीन चाँद सा चेहरा हैं,
उसपे सबाब का रंग गहरा हैं,
खुदा को यकीन ना था वफ़ा पे,
तभी चाँद पर तारों का पहरा हैं।

जिस दिन आप जमी पर आये,
वो आसमा भी खूब रोया था ,
आखिर उसके आँसू थमते भी कैसे,
उसने हमारे लिये,
अपना सबसे प्यारा सितारा जो खोया था ।

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धीरे से सरकती है रात,
उसके आँचल की तरह,
उसका चेहरा नजर आता है,
झील में खिले कमल की तरह ।

तुम्हारी एक निगाहे से कत्ल होते है,
एक नजर हमे को भी देख लो,
तुम बिन ज़िन्दगी अच्छी नही लगती।

फूलों से खूबसूरत कोई नहीं
सागर से गहरा कोई नहीं
अब आपकी क्या तारीफ करू
खूबसूरती में आप जैसा जैसा कोई नहीं

तेरा होंठो की पंखुडियो को तू गुलाब न कहना
वो तो मुरझा जाते है
इनकी लाली को देखकर लगता है
गुलाब भी अपना रंग यही से चुरा कर लाये है

फिज़ाओ में रंग बिखेरे तुम्हारा चाँद सा चेहरा
मुझे बेचैन कर जाये तुम्हारा मासूम चाँद सा चेहरा
मेरी खातिर सँवरता है तुम्हारा चाँद सा चेहरा

किसका चेहरा अब मैं देखूं…?
चाँद भी देखा…! फूल भी देखा…!!
बादल बिजली…! तितली जुगनूं…!!
कोई नहीं है ऐसा…! तेरा हुस्न है जैसा…!!

बहुत खुबसूरत है हमारा सनम,
खुदा ऐसा चेहरा बनाता है कम।

खुशबु आ रही है कहीं से ताज़े गुलाब की..
शायद खिड़की खुली रह गई होगी उनके मकान की..

आँखों में तेरी कोई करिश्मा ज़रूर है…
तू जिसको देख ले;
वो बहकता ज़रूर है…

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